धरोहर संदेश – आज गरियाबंद जिला में महज 5 किलोमीटर दूर सभी अधिकारी कर्मचारी आना जाना करते हैं ।
यहां तक कि जिला कलेक्ट्रेट के समीप होने के बावजूद भी अवैध तरीके से रेत खनन किया जा रहा है । एनजीटी पर्यावरण नियमों को
दरकिनार करके रेत माफियाओं रेत खनन कर रही है। शासन के नियम अनुसार 15 जून से रेत खदान करना बंद है । उसके बावजूद भी गरियाबंद में अवैध तरीके से रेत खदान
संचालित है। जिला गरियाबंद ग्राम पंचायत मजरकट्टा अवैध रेत खनन कर रहे हैं। खनिज अधिकारी कई वर्षों से गरियाबंद जिला में पदस्थ हैं। खनिज विभाग सुस्त रवैया मौन धारण करके बैठी है क्योंकि
अधिकारी को शिकायत होने के बाद कोई कार्यवाही नहीं है। रेत घाट संचालित है। परन्तु प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है। किसके ईशारे पर रेत माफियाओं की हैसले बुलंद क्या कारण है । कि कोई कार्यवाही नहीं ?????? रेत खनन शासन के नियम अनुसार रेत बंद है परन्तु सभी की सहमति से चलाई जा रही है इसलिए कार्यवाही नहीं होती है। प्रकाशन करते थक जाओगे परंतु अवैध कारोबार रेत खदान संचालित होता रहेगा।
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