गरियाबंद – जनवरी से ग्राम पारागांव गरियाबंद छत्तीसगढ़ में आयोजित श्री मद्भागवत सप्ताह अमर कथा कार्यक्रम के प्रथम दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई l 51महिलाएं शिर पर कलश लेकर चल रही थी छत्तीसगढ़ी संस्कृति अनुरूप वाद्य यंत्र बजाते नाचते व गीत गाते हुए कलाकार चल रहे थे! भगवान की जय

जय कारों व फाटकों की आवाज से पूरा आसमान गूंज रहा था! यात्रा पवित्र सरोवर तालाब तक पहुंचने पर पंडितों ने मंत्रोचारण कर सभी कलशों में पवित्र जल भरें! कलश यात्रा पूरे गांव की गलियों से गुजरती हुईं कथा स्थल तक पहुंचीं!

कथा व्यास आचार्य सनातन चैतन्य जी महाराज अंबाला शहर हरियाणा संरक्षक भूतेश्वर नाथ धाम ने कथा के प्रथम दिवस भागवत माहत्म्य कथा श्रवण कराते हुए कहा कि भागवत साक्षात भगवान श्री कृष्ण का स्वरूप हैं सभी वेदों का सार

भागवत महापुराण हैं जब हमारे पूर्व जन्मों का पुण्य उदय होता हैं तब हमें भागवती कथा श्रवण करने का सौभाग्य मिलता हैं! ज्ञान भक्ति वैराग्य को जगाने वाला महा पुराण है इसमें इसके अंतर्गत बारह स्कंध तीन सौ पैंतीस अध्याय व कुल इसमें अठारह हजार श्लोक हैं! इस कथा को श्रवण कर दूसंगति के कारण अपने

जीवन को खराब कर चुका धुंधकारी जो मरने के बाद प्रेत योनि में चला गया था उनका उद्धार भागवत कथा श्रवण से हो जाता हैं!

उक्त कथा दो सत्र में चल रहा है प्रातः 10.30 बजे से 1 बजे तक व दोपहर बाद 2.30 बजे से 5 बजे तक कथा चल रही है प्रातः 5 बजे से भागवत मूल पाठ पारायण पूजा अर्चना होती हैं!
कथा के मुख्य यजमान गुरु भक्त ब्रह्मचारी रोहित भाई जी सूरत व समस्त ग्रामवासी पारागांव के सौजन्य से कथा हो रही है! 11 व्यक्ति सपत्नीक परिक्षित की भूमिका निभा रहे हैं!

यहां रोज भक्तों के लिए भोज भंडारा की व्यवस्था की गई हैं! दूसरे दिन ग्रामपंचायत के सरपंच श्री मती मीरा नेताम के तरफ से भोज भंडारा दिया गया!


















