सरपंच ने माना— शशि साहू द्वारा रेत का काम किया जा रहा है कुछ देर बाद सप्लायर का फोन बोला—मैं सप्लायर हूं, मांग आने पर रेत-गिट्टी पहुंचाता हू
गरियाबंद। जिले में अवैध रेत खनन और उसके परिवहन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम पंचायत परसदाकला के हाट बाजार क्षेत्र में कथित रूप से ट्रैक्टर से रेत डंप कर जेसीबी मशीन के माध्यम से हाईवा में लोडिंग किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूचना और उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार यह गतिविधि केवल एक-दो दिनों की नहीं, बल्कि लंबे समय से चलने की बात सामने आ रही है।

मामले की जानकारी लेने के लिए जब पंचायत के सरपंच से बातचीत की गई, तो सरपंच द्वारा बताया गया कि पंचायत क्षेत्र में शशि साहू द्वारा रेत का काम किया जा रहा है। सरपंच का यह भी कहना था कि वे पिछले दो दिनों से बाहर थे, इसलिए रेत को पंचायत क्षेत्र में आखिर कहां डंप किया गया है, इसकी उन्हें तत्काल जानकारी नहीं है।

लेकिन इस बातचीत के कुछ ही समय बाद कथित रूप से शशि साहू का फोन आता है, जिसमें उसके द्वारा स्वयं को रेत-गिट्टी का सप्लायर बताया गया। बातचीत में उसके द्वारा कहा गया कि जहां भी रेत या गिट्टी की मांग आती है, वहां वह सामग्री पहुंचाने का काम करता है। उसके पास ट्रैक्टर होने और इसी माध्यम से सप्लाई का काम किए जाने की बात भी सामने आई।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पंचायत क्षेत्र में रेत का भंडारण और सप्लाई का काम किस अनुमति के आधार पर किया जा रहा है। यदि संबंधित व्यक्ति के पास रेत का वैध स्रोत, भंडारण की अनुमति और परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज हैं तो उन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
वहीं, यदि बिना अनुमति रेत निकाली, डंप या परिवहन की जा रही है, तो यह संबंधित खनिज नियमों के तहत कार्रवाई का विषय बनता है।

सूचना तंत्र से जुड़े लोगों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से रेत निकासी और डंपिंग की गतिविधियां चल रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी जानकारी पंचायत के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने के बावजूद पंचायत स्तर से न तो इसे रोकने का प्रयास किया गया और न ही खनिज विभाग को इसकी सूचना दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब इस संबंध में सरपंच से सवाल किया जाता है तो वे मामले से पल्ला झाड़ते हुए टालमटोल करते हैं।
इन आरोपों के बीच अब यह जांच का विषय है कि पंचायत के सरपंच और सचिव को अवैध रेत खनन एवं भंडारण की जानकारी थी उसके बावजूद भी खनिज अधिकारी तक इसकी जानकारी नहीं दी है गई है अवैध कार्य करने के लिए जबकि संरक्षण भी दिया जा रहा है
सरपंच-सचिव की कथित मिलीभगत की निष्पक्ष जांच जरूरी
ग्रामीणों द्वारा सरपंच और सचिव पर कथित मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसलिए पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि रेत का अवैध कारोबार वास्तव में किसके संरक्षण या जानकारी में चल रहा था। एवं जिम्मेदार पदाधिकारी ने अवैध खनन, भंडारण या परिवहन को संरक्षण दिया अथवा जानबूझकर कार्रवाई नहीं की, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल
जिले में यदि बिना वैध अनुमति रेत का उत्खनन, भंडारण और परिवहन किया जा रहा है, तो खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।
छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 तथा लागू खनिज कानूनों के तहत खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण की जांच कर नियमानुसार जब्ती, वसूली और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए ।
इसलिए खनिज विभाग को परसदाकला हाट बाजार सहित उन सभी स्थानों का तत्काल निरीक्षण करना चाहिए जहां रेत डंप किए जा रहा है। मौके पर मौजूद रेत की मात्रा, उसके स्रोत, संबंधित ट्रैक्टर एवं हाईवा, जेसीबी मशीन, परिवहन दस्तावेज और वैध अनुमति की जांच की जानी चाहिए।
सवालों के घेरे में पूरा तंत्र
यदि एक व्यक्ति खुले तौर पर स्वयं को रेत-गिट्टी सप्लायर बता रहा है और पंचायत क्षेत्र में रेत डंप कर सप्लाई की जा रही है, तो सवाल यह है कि यह गतिविधि पंचायत और खनिज विभाग की नजर से इतने दिनों तक कैसे बची रही?
क्या पंचायत ने संबंधित व्यक्ति से किसी प्रकार की अनुमति या दस्तावेज मांगे?
क्या पंचायत द्वारा खनिज विभाग को इसकी लिखित सूचना दी गई?
क्या परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं?
और सबसे बड़ा सवाल—यदि पंचायत को इसकी जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। भंडारण या परिवहन संबंधित व्यक्ति के साथ-साथ जिन जिम्मेदार अधिकारियों अथवा पंचायत पदाधिकारियों की भूमिका सामने आए, उनके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि उपलब्ध साक्ष्यों और सामने आए बयानों के आधार पर खनिज विभाग इस मामले में जांच करता है या फिर अवैध रेत का यह कारोबार इसी तरह चलता रहता है।

















