स्कूल में शिक्षक का तानाशाही रवैया बच्चे को पीटा, मोबाइल के नाम पर गरीब परिवार पर दबाव

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जिला गरियाबंद – शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला टेंगनाबासा छुरा में एक शिक्षक की दबंगई और बच्चों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है, जहा थाना छुरा तक पहुंची जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि शिक्षक यशवंत सिन्हा ने दो बच्चों के झगड़े के दौरान पास से गुजर रहे छात्र सिन्हा को पकड़कर बुरी तरह पीट दिया। मारपीट इतनी ज्यादा बताई जा रही है कि बच्चे को बुखार आ गया और बाद में उसे सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराना पड़ा।


मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि जब बच्चे के पिता ने शिकायत थाना में करने की कोशिश की तो शिक्षक ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दबाव बनाना शुरू कर दिया। स्कूल में ग्रामीणों और स्कूल समिति को बुलाकर बच्चे के परिवार को सबके सामने झुकने और माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। इतना ही नहीं, शिक्षक के मोबाइल टूटने की बात कहकर नया मोबाइल दिलाने का भी दबाव बनाया गया।
गांव के लोगों के सामने बच्चे के पिता और दादाजी को जिस तरह से अपमानित किया गया, उससे पूरा परिवार मानसिक दबाव में आ गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना बच्चों के आत्मसम्मान और मानसिक स्थिति पर गंभीर चोट पहुंचाने वाली है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल में कई तरह की अनियमितताएं चल रही हैं। सफाईकर्मियों को नियम से ज्यादा काम कराया जाता है, जिसके कारण वे बार-बार नौकरी छोड़ देते हैं। नए स्वीपर लगाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप भी शिक्षक पर लगाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल में सार्वजनिक रूप से बच्चों को मारना और अपमानित करना उनके मन पर गहरा असर डालता है। कई बार यही मानसिक दबाव बच्चों को गलत कदम उठाने तक मजबूर कर देता है। सवाल यह उठ रहा है कि जब गुरु ही बच्चों को डर और अपमान का माहौल देंगे, तो बच्चों का भविष्य आखिर सुरक्षित कैसे रहेगा ?
पीड़ित छात्र सिन्हा के पिता स्थानीय सम्राट साइकिल स्टोर में काम कर किसी तरह परिवार चला रहे हैं। ऐसे गरीब परिवार पर दबाव बनाकर माफी मंगवाना और वसूली जैसा आरोप लगना शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर इस प्रकार का दबाव बनाना और माफी मंगवाना ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब ग्रामीणों और परिजनों ने जिला शिक्षा अधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन या बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे के साथ इस तरह की घटना दोबारा न हो।
अब देखना यह है की जिला शिक्षा अधिकारी किस प्रकार से कार्यवाही करेगी सब की निगाहें इस पर टिकी हुई है