राजिम कुंभ कल्प 2026 आयोजन में करोड़ों के टेंडर प्रक्रिया दिखावा

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राजिम कुंभ कल्प 2026: करोड़ों के आयोजन में टेंडर प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

गरियाबंद।
छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक आयोजन राजिम कुंभ कल्प 2026 के लिए जिला प्रशासन गरियाबंद द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल और संदेह सामने आ रहे हैं। करोड़ों रुपये के इस आयोजन में अत्यंत कम समय में टेंडर आमंत्रित किए जाने से पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
कलेक्टर कार्यालय गरियाबंद द्वारा जारी टेंडर के अनुसार, राजिम कुंभ कल्प 2026 का आयोजन 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक किया जाना है। इसके लिए दो अलग-अलग पैकेज में कुल लगभग 6 करोड़ 6 लाख रुपये के कार्यों हेतु टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।


📌 टेंडर की प्रमुख जानकारियाँ:
NIT प्रकाशन तिथि: 05 जनवरी 2026
ऑनलाइन बिड जमा करने की अंतिम तिथि: 09 जनवरी 2026 (सिर्फ 4 दिन)
PPT प्रेज़ेंटेशन: 10 जनवरी 2026
बिड ओपनिंग: 10 जनवरी 2026, शाम 5:10 बजे
इतने बड़े और संवेदनशील धार्मिक आयोजन के लिए केवल 4 दिन का समय देना, नियमों और सामान्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के विपरीत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की जल्दबाज़ी पसंदीदा ठेकेदार को लाभ पहुंचाने का संकेत हो सकती है।


⚠️ उठते सवाल:
क्या इतने कम समय में सभी योग्य एजेंसियों को समान अवसर मिला?
क्या टेंडर शर्तें पहले से तय एजेंसी के अनुसार बनाई गईं?
PPT प्रेज़ेंटेशन के मूल्यांकन मापदंड सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए?
क्या एक ही एजेंसी को दोनों पैकेज दिए जाने की संभावना है?
🛑 पारदर्शिता पर खतरा


सूत्रों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में ऑनलाइन के साथ-साथ भौतिक (Physical) दस्तावेज़ जमा कराने की शर्त भी रखी गई है, जिससे प्रक्रिया को प्रभावित करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
🔍 जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि:
टेंडर प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराई जाए
सभी दस्तावेज़ सार्वजनिक किए जाएँ
शासन के वित्तीय नियमों (GFR) और CVC गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित हो
राजिम कुंभ कल्प जैसे धार्मिक और जनआस्था से जुड़े आयोजन में यदि पारदर्शिता नहीं बरती गई, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला बन सकता है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है या उच्च स्तर पर जांच के आदेश जारी होते हैं