जगदलपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ के बस्तर की जीवनदायिनी कही जाने वाली नदी इंद्रावती के नाम पर इंद्रावती विकास प्राधिकरण के गठन की घोषणा की है। वे आज जगदलपुर में बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक ले रहे थे। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद पहली बार प्राधिकरण की बैठक राजधानी रायपुर के बाहर हुई। जगदलपुर के कलेक्ट्रोट के प्रेरणा हाल में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं की, इनमें बस्तर में कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन किया जाना, जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण किया जाना शामिल हैं। इसके तहत पिता के पास जाति प्रमाण पत्र होने पर बच्चे के जन्म के साथ ही बच्चे को जाति प्रमाण पत्र दिया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने की। इस दौरान मंत्रीगण कवासी लखमा, डॉ शिवकुमार डहरिया, जय सिंह अग्रवाल, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतराम नेताम, विक्रम मंडावी, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेम साय सिंह, सांसद दीपक बैज, संभाग के सभी विधायक, जिला पंचायत के अध्यक्ष, मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक मौजूद रहे।

















