गरियाबंद पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में विवाद सीएम पोर्टल की शिकायत से जनदर्शन तक पहुंचा मामला, अधीक्षक नरेंद्र सोनवानी पर फिर उठे सवाल

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गरियाबंद। जिला गरियाबंद के पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में अधीक्षक नरेंद्र सोनवानी को लेकर एक बार फिर मामला चर्चा में है। छात्रावास की साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था को लेकर सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद मामला कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंच गया। आरोप है कि अधीक्षक ने छात्रावास के 95 से अधिक बच्चों को कलेक्टर जनदर्शन में भेजा, जहां बच्चों के माध्यम से अधीक्षक को वर्तमान सत्र तक छात्रावास में बनाए रखने की मांग रखी गई।

बताया गया कि बच्चों की ओर से कलेक्टर के समक्ष यह बात रखी गई कि अधीक्षक को तत्काल नहीं हटाया जाए और उन्हें कम से कम वर्तमान शैक्षणिक सत्र तक छात्रावास में रहने दिया जाए। कलेक्ट के समक्ष छात्रों ने बताया कि बरसात में छत टपकता है टेबल कुर्सी नहीं है और कंबल चद्दर की व्यवस्था भी नहीं है और बहुत सारे ऐसी व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी कलेक्टर को

वर्ष 2015 से छात्रावास संचालन, कई विवादों में नाम आने वाले

नरेंद्र सोनवानी वर्ष 2015 से छात्रावास संचालन से जुड़े रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान विभिन्न मामलों में विवाद सामने आने और शिकायतें होने की बात कही गई है। इनमें व्यक्तिगत एवं विभागीय विवादों के साथ-साथ छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवाल भी शामिल हैं। पूर्व में लकड़ी बिल लगाने के कार्य तथा बच्चों की भोजन व्यवस्था को लेकर भी समाचार प्रकाशित गया था ।

नौकरी के नाम पर पैसे लेने के आरोप भी पहले आ चुके हैं सामने सूचना तंत्र से

पूर्व में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित रूप से पैसे लेने का मामला भी समाचारों में प्रकाशित हुआ था। उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, ग्राम पंचायत संकारा सहित अतरमरा, और मुरमुरा से जुड़े मामले में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी तीन व्यक्तियों से कथित तौर पर 10-10 हजार रुपये लेने का आरोप नरेंद्र सोनवानी पर लगाया गया था काश एवं ऑनलाइन ।

इसके अतिरिक्त, एक राजनीतिक व्यक्ति और नवीन भगत से जुड़े कथित घटनाक्रम में दैनिक वेतनभोगी पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर तीन से चार लाख रुपये तक लेने के आरोपों का भी उल्लेख किया गया था। बताया गया कि संबंधित व्यक्तियों को अलग-अलग अवधि के लिए छात्रावास एवं आश्रमों में नियुक्ति किया गया था आरोप यह भी था कि पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास में रखने के नाम पर नरेंद्र सोनवानी ने तीन व्यक्तियों से कथित रूप से पैसे लिए थे।

इन मामलों को लेकर पूर्व में समाचार प्रकाशित होने और जांच किए जाने की बात कही गई है। तीन व्यक्ति ने फिर की परंतु नेता के ऊपर फिर हुआ विभागीय किसी प्रकार से एक फिर नहीं हुई जबकि इसमें नवीन भगत सहायक आयुक्त एवं अधीक्षक नरेंद्र सोनवानी के ऊपर भी फिर होनी चाहिए थी लेकिन पुलिस एवं विभाग की मिलीभगत से इन दोनों को बचा दिया गया

जांच के बाद साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था का मामला फिर चर्चा में

वर्तमान घटनाक्रम में छात्रावास की साफ-सफाई और भोजन व्यवस्था को लेकर दर्ज शिकायतों के बाद विभागीय जांच किए जाने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में इन व्यवस्थाओं से संबंधित गड़बड़ियां पाए जाने की बात कही गई और नरेंद्र सोनवानी को छात्रावास से हटाने की प्रक्रिया शुरू होने तथा दूसरे व्यक्ति को प्रभार सौंपे जाने का उल्लेख किया गया है।

यदि शिकायतों के आधार पर विभागीय स्तर पर बदलाव किया जा रहा है, तो यह मामला छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की बुनियादी सुविधाओं और जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण है। साफ-सफाई, गुणवत्तापूर्ण भोजन और सुरक्षित वातावरण छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की आवश्यक जरूरतें हैं। विभागीय कार्यवाही मैं यह सही पाए जाने पर विभागीय जांच से नरेंद्र सोनवानी लेटर दे दिया गया है