गरियाबंद जिला फार्मेसी संगठन में ₹7.30 लाख के कर्ज का दावा, पदभार सौंपते समय जीरो बैलेंस होने की बात

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गरियाबंद। गरियाबंद जिले के मेडिकल स्टोर संचालकों से जुड़े फार्मेसी संगठन में वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला अध्यक्ष द्वारा बातचीत के दौरान कथित तौर पर बताया गया कि पदभार सौंपे जाने के समय खाते में जीरो बैलेंस था, जबकि ₹7.30 लाख का कर्ज होने की बात सामने आई है।

अध्यक्ष के इस बयान के बाद संगठन के वित्तीय प्रबंधन और पुराने हिसाब-किताब को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर संगठन पर ₹7.30 लाख का कर्ज किस मद में है? यह कर्ज कब और किन परिस्थितियों में हुआ? पदभार सौंपते समय बैंक खाते की स्थिति क्या थी और उस समय संगठन की कुल देनदारियाँ कितनी थीं?

इन सवालों का जवाब संगठन के बैंक स्टेटमेंट, आय-व्यय विवरण, लेन-देन की रसीदों और ऑडिट रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकता है। संगठन के पूर्व एवं वर्तमान पदाधिकारियों का पक्ष सामने आना भी जरूरी है, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक हो सके।

  • ₹7.30 लाख के कथित कर्ज का पूरा हिसाब क्या है?
  • पदभार सौंपते समय जीरो बैलेंस होने की बात किस रिकॉर्ड पर आधारित है?
  • संगठन के सदस्यों को आय-व्यय की जानकारी दी गई है या नहीं?
  • वित्तीय रिकॉर्ड का ऑडिट कराया गया है या नहीं?

फिलहाल जानकारी आने पर बड़ा खुलासा होगी