धान खरीदी में खुली ठगी नमी बताकर किसानों से 3–5 कट्टा अतिरिक्त वसूली कैमरे में कैद बेलटुकरी समिति का खेल

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नमी के नाम पर धान लूट! 100 कट्टा पर 3 कट्टा अतिरिक्त वसूली, कैमरे में कैद बेलटुकरी समिति का खेल

गरियाबंद | ब्लॉक फिंगेश्वर | 28 जनवरी 2026 छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है।

जिला गरियाबंद के फिंगेश्वर ब्लॉक अंतर्गत कृषक सेवा सहकारी समिति मर्यादित बेलटुकरी पंजीयन क्र. 42 में किसानों से नमी के नाम पर खुली लूट का मामला सामने आया है। समिति प्रबंधक मनोज कुमार दिवाकर पर आरोप है कि वह किसानों से 100 या 100 से अधिक कट्टा धान पर 3 से 5 कट्टा अतिरिक्त धान जबरन ले रहे हैं।
किसानों के नाम और कट्टों का विवरण
धरमलाल साहू 2 कट्टा
गौकरण साहू – 3 कट्टा अतिरिक्त
रूपकुमार – 5 कट्टा अतिरिक्त
यादराम – 4 कट्टा अतिरिक्त धान
किसानों का कहना है कि
“धान में नमी 17% से ज्यादा है, ले जाओ… नहीं तो अतिरिक्त धान कट्टा दो, किसान धान ले गए तो टोकन रद्द।”

हुंडी के बिना नमी जांच, नियमों की खुली पोल

अवहेलना कमरे के सामने सरकारी नियमों के अनुसार धान की नमी जांच हुंडी लगाने के बाद होती हैं प्लास्टिक बोरी में धान होने से स्वाभाविक है अंदर नमी बनी होती है, हुंडी लगाने से धूप और हवा में रखने के पश्चात ग्रेडिंग कई बार नमी कम हो जाती है समिति को केवल अपनी कमाई पर ध्यान ज्यादा रखा जा रहा है। यही खेल बेलटुकरी समिति में बिना हुंडी किए ही धान को एक बोरी से दूसरे बोरी पलटी जाती है,


👉 यह पूरी प्रक्रिया 28 जनवरी को समिति परिसर में लगे कैमरों में कैद हुई है।
अब सवाल उठता है कि जब कैमरे लगे हैं तब खुले आम कर रहे नियम विरूद्ध कार्य सीसी फुटेज की जांच होनी चाहिए।

15 नवंबर से खरीदी, अब तक नमी 17% से अधिक?

धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर 2025 से हो चुकी है।
अब 28 जनवरी 2026 आ गई — ढाई महीने बाद भी अगर नमी 17% से अधिक नमी बताई जा रही है तो बड़ा सवाल खड़ा होता है:❓ सरकार को “सूखत” के नाम पर गलत रिपोर्ट क्यों दी जा रही है?


❓ अतिरिक्त कट्टे कहां जा रहे हैं?
❓ किसके इशारे पर यह खेल चल रहा है?

किसानों को डराकर धान वसूली

किसानों का आरोप है
“31 जनवरी के बाद धान खरीदी बंद हो जाएगी।”
इस डर का फायदा समिति प्रबंधक उठाकर किसानों से 3 से 5 कट्टा अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। यनी एक ओर सरकार को सूखत आता है दिखाकर चूना, दूसरी ओर किसानों की जेब से सीधी कटौती।

प्रबंधक का विवादित बयान

जब इस मामले पर समिति प्रबंधक मनोज कुमार दिवाकर से सवाल किया गया तो उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया:
“मैं नहीं, मेरे कर्मचारी कर रहे हैं। मैं बैंक का कर्मचारी हूं।
मेरा 16 बार ट्रांसफर हो चुका है।
मैं पत्रकार भी रहा हूं।
छापने से कोई फर्क नहीं पड़ता। निलंबित भी हुआ तो घर पर मौज करूंगा।”
यह बयान खुद में पूरे सिस्टम की बेशर्मी और संरक्षण को उजागर करता है।

टोकन सिस्टम से किसान परेशान

2 एकड़ तक वाले किसान – सिर्फ 1 टोकन

3 एकड़ से अधिक – 2 टोकन

10 एकड़ से अधिक – 3 टोकन

टोकन न कटने से सैकड़ों किसान अब भी धान नहीं बेच पाए हैं, जबकि समिति में बैठे लोग नमी एवं के नाम पर अपनी कमाई कर रहे हैं।

सवाल जो जवाब मांगते हैं

🔴 क्या समिति प्रबंधक , प्राधिकृत अधिकारी (अध्यक्ष) और उच्च अधिकारी इस खेल में शामिल हैं?
🔴 कैमरा फुटेज की जांच होगी चाहिए ?
🔴 अतिरिक्त धान का लेखा-जोखा कहां है?
🔴 किसानों से की गई अवैध वसूली पर FIR कब प्रबंधक समिति कर्मचारियों पर हो ?

निष्कर्ष

बेलटुकरी समिति में जो हो रहा है, वह केवल भ्रष्टाचार नहीं बल्कि किसानों के साथ संगठित ठगी है। अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह मामला लाखों नहीं, करोड़ों के घोटाले में बदल सकता है।