नियमों को किया गया दरकिनार ग्राम पंचायत दहिगांव के 13 वार्ड के पंच और उनके परिवार का फर्जी मस्टररोल बनाकर सरकारी पैसे का किया गया दुरपयोग नियमों को किया गया दरकिनार

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तालाब गहरीकरण में पंचायत पदाधिकारी और उनके परिवार का नाम डालकर राशि का किया गया बंदरबांट….

ग्राम पंचायत दहिगांव के 13 वार्ड के पंच और उनके परिवार का फर्जी मस्टररोल बनाकर सरकारी पैसे का किया गया दुरपयोग..

देवभोग न्यूज … सरकार कि जनकल्याणकारी योजना को अगर सरकार के नुमाइंदे और पंचायत के पदाधिकारियों के द्वारा सेंध लगाए तो क्या कर सकतें है। सरकार बदलने के बाद लोगों को यह उम्मीद थी कि भ्रष्टाचार के मामले में कमी आयेगी लेकिन देवभोग जनपद अंतर्गत आने वाले पंचायतों में भ्रष्टाचार के नए नए मामले सामने आ रहें है।
ग्राम पंचायत दहिगांव के मनरेगा कार्य में फर्जी तरीके से रोजगार सहायक के द्वारा मस्टररोल जारी कर सरकारी पैसों का दुरपयोग करने का आरोप ग्रामीणों के लगाने के बाद अफरा तफरी मची हुई है।
बता दें इसी सत्र ग्राम पंचायत दहिगांव के नया तालाब का गहरीकरण का कार्य किया गया था । विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023/24 में 892827 रुपए कि स्वीकृति तालाब गहरीकरण के लिए हुई थी और पूर्व सरपंच के द्वारा 781015 रूपए का गहरीकरण का कार्य नया तालाब में किया गया था और वर्तमान में शेष बचे राशि का अब तक 73 हज़ार दो सौ रूपए इस नया तालाब में गहरीकरण का काम हुआ जिसमे आम नागरिकों को रोजगार उपलब्ध न कराते हुए रोजगार सहायक और पूरे पंचायत प्रतिनिधियों के द्वारा अपना और उनके परिवार के नाम पर मस्टररोल बनाकर सरकारी पैसों का दुरपयोग किया गया है।

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरीके से सरपंच, उपसरपंच ,पंच और रोजगार सहायक ने तालाब गहरीकरण में अधिकतर मस्टररोल में खुद के परिवारों और अपना हाजिरी लेते हुए सरकारी पैसों का गलत तरीके से आहरण किया गया है इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और ऐसे सरकार के नुमाइंदों और जिम्मेदारों पर उचित कार्यवाही होनी चाहिए। क्यों कि तालाब गहरीकरण जैसे सार्वजनिक कार्य में पारदर्शिता नहीं बरती गई है और गोपनीय तरीके से अपने परिवारों को लाभ पहुंचाया गया है।

13 वार्ड पंच और उनके परिवार का नाम मस्टररोल में अंकित.. ग्राम पंचायत दहिगांव में नया तालाब गहरीकरण में अधिकांश मस्टररोल में रोजगार सहायक और जिम्मेदारों के द्वारा अपने और अपने घर परिवारों का नाम मस्टररोल में भर कर सरकारी राशि का दुरपयोग किया गया है सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नया तालाब गहरीकरण में जिम्मेदारों के द्वारा जो काम करने नही किया है उसी के नाम पर भी मस्टररोल जारी कर दिया गया है जो पूरी तरह से गलत है। यहां सरपंच खुद अपने परिवारों और पूरे पंचायत के पंचों ने अपने परिवारों का नाम फर्जी तरीके से मस्टररोल में अंकित कर राशि का आहरण किए हैं। ग्राम पंचायत दहिगांव में कुल 13 वार्ड शामिल है और इन्ही 13 वार्ड के पंच, सरपंच , उप सरपंच,रोजगार सहायक और पंचायत चपरासी का नाम मस्टररोल में अंकित है। जो बिना काम किए फर्जी तरीके से रोजगार सहायक के द्वारा मस्टर रोल जारी कर राशि का आहरण कर मनरेगा अधिनियम का उल्लघंन किया गया है ये जिम्मेदारों के द्वारा आम नागरिकों को रोजगार मुह्य्या न कराते हुए अपने अपने जेब भरने में तुले हैं। जनपद सदस्य के मां परिवार और सहकारिता मंडी अध्यक्ष का नाम भी फर्जी मस्टररोल में अंकित कर राशि आहरण किया गया है।

ग्राम पंचायत के द्वारा आदेश निकाल कर आश्रित गांव दबनई के जाब कार्ड धारियों को काम करने का फरमान जारी किए थे लेकिन इन्हें रोजगार न देकर अपने पंचायत समिति के सदस्य और परिवारों का नाम मस्टर रोल में अंकित कर राशि आहरण किया गया है। नव निर्वाचित सरपंच रोजगार सहायक दोनों मिलकर नियम विरुद्ध कार्यक्रम की है। मास्टर रोल पर सचिव के हस्ताक्षर ही नहीं हैं। सचिव से बात करने पर कहा गया कि जब मुझे चार्ज मिला तब तक दो दिन काम चल चुका था। फिर भी सचिव ने काम बंद नहीं किए। ना ही अपने उच्च अधिकारी को सूचना दिया गया। पूरे दहीगांव पंचायत सभी पदाधिकारी के द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया नियमों के विरुद्ध कार्य किए गए। रोजगार सहायक महिला दहीगांव मायका है।
। वह अपने ससुराल में ज्यादा तर रहती है। इसके वजह से रोजगार सहायक के पिता द्वारा पंचायत का कार्य किया जाता है । रोजगार सहायक निष्क्री एवं नियम विरुद्ध कार्य में लिप्त हैं। रोजगार सहायक पर कड़ी कार्रवाई एवं सरपंच सचिव भी जिम्मेदार है। इन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। कार्य जो किए गए हैं उन नियम विरुद्ध है इस पर राशि की रिकवरी होनी चाहिए। बिना कार्य किया भी मास्टर रोल भरकर अपने परिचित परिवार पंचायत बाड़ी के नाम पर राशि मास्टर रोल भर गया। जिम्मेदारो पर भी कार्रवाई करवाई होनी चाहिए।

Apo भुनेश्वर साहू जिला अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद से बात करने पर कही गई कि जांच कर कार्यवाही करूंगा।

लोकपाल के द्वारा भी कही गई कि जांच करके कार्यवाही करूंगा