गरियाबंद। जिला मुख्यालय गरियाबंद में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग NH-130C परियोजना में पारदर्शिता के दावों पर सवाल उठने लगे हैं। सड़क निर्माण स्थल पर लगाए गए QR कोड को जब आम नागरिक स्कैन कर रहे हैं, तो उसमें एरर (Error) दिखाई दे रहा है। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर यह QR कोड जनता को जानकारी देने के लिए लगाया गया है या केवल दिखावे के लिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि QR कोड सही तरीके से कार्य ही नहीं कर रहा है तो परियोजना से संबंधित जानकारी आम जनता तक कैसे पहुंचेगी ? सड़क निर्माण में करोड़ों रुपये का सार्वजनिक धन खर्च किया जा रहा है, लेकिन नागरिकों को यह जानने का अधिकार नहीं मिल पा रहा कि परियोजना की लागत कितनी है, ठेकेदार कौन है, कार्य कब शुरू हुआ, कब पूरा होगा और गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा है।
QR कोड या केवल औपचारिकता?

डिजिटल पारदर्शिता के नाम पर लगाए गए QR कोड को स्कैन करने पर यदि बार-बार एरर (Error) संदेश प्राप्त हो रहा है, तो स्वाभाविक रूप से कई सवाल खड़े होते हैं।
क्या QR कोड सक्रिय ही नहीं किया गया है?
क्या इसे केवल औपचारिकता पूरी करने के लिए लगाया गया है ?

क्या जनता को जानकारी देने के बजाय केवल निरीक्षण और कागजी रिकॉर्ड के लिए लगाया गया है ?
क्या संबंधित एजेंसी इसकी नियमित निगरानी कर रही है ?
इन सवालों का जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं है।
जनता के पैसे से निर्माण, लेकिन जनता को जानकारी नहीं
राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी परियोजनाएं जनता के टैक्स से प्राप्त धन से संचालित होती हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को यह जानने का अधिकार है कि उसके पैसे से बनने वाली सड़क पर कितना खर्च किया जा रहा है और कार्य किस गुणवत्ता से किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि QR कोड काम नहीं कर रहा और मौके पर भी परियोजना संबंधी पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो यह पारदर्शिता के मूल उद्देश्य के विपरीत है।
जवाबदेही तय होनी चाहिए
नागरिकों की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल QR कोड की तकनीकी स्थिति की जांच करे और यदि वह निष्क्रिय है तो उसे तत्काल चालू किया जाए। साथ ही परियोजना से संबंधित सभी जानकारी सार्वजनिक सूचना बोर्ड पर भी प्रदर्शित की जाए, ताकि किसी भी नागरिक को जानकारी प्राप्त करने में परेशानी न हो।
उठ रहे प्रमुख सवाल
QR कोड स्कैन करने पर एरर (Error) क्यों आ रहा है ?
QR कोड में कौन-सी जानकारी उपलब्ध कराई जानी थी?
QR कोड निष्क्रिय होने के लिए जिम्मेदार कौन है ?
क्या निर्माण एजेंसी और विभाग द्वारा इसकी जांच की गई है ?
करोड़ों की परियोजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं ?
यदि QR कोड वास्तव में कार्य नहीं कर रहा है, तो यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा विषय भी है, जिसकी जांच और सुधार आवश्यक है।

















