फारेस्ट विभाग के आला अधिकारियों ने खुद खाई मलाई सड़क को मिली छाज, विकास पर रोक, गड्ढे में सड़क जिम्मेदारो कोई …..?????

सड़क में गड्ढे तो आप बहुत देखे होगे लेकिन गड्ढे में सड़क पहली बार देखे सवाल उठता है कि जिला गरियाबंद मुख्यालय से लगा हुआ स्पेशल रोड फारेस्ट विभाग की सड़क ग्राम केशोडार में पड़ता है। फारेस्ट विभाग विकास नहीं देख सकती। प्रत्येक वर्ष पहले चना मुर्रा मुरूम का वर्ष के पहले छिड़काव किया जाता था। अब बंद हो गया। पुल, 5 लाख का बना होगा । निकल गया 20 लाख, लाखों रुपए निगल गए फारेस्ट विभाग के आला अधिकारी पूर्व मुख्यमंत्री के रिश्तेदार होने का धौंस जमाने में कोई कसर नहीं छोड़ी काग्रेस की सरकार में 2022/23 में बनी WBRM रोड़ बनाई गई मलाई खुद खाई छाज जनता की झोली में पड़ी । NH 130 मुख्यालय से लगा फारेस्ट रोड़ होने के चलते आम जनता को उसकी भरपाई चुकानी पड़ रही है।

डब्ल्यूबीआरएम रोड बनाए हैं परंतु 1 वर्ष में ही गड्ढे में सड़क बन चुके है। गड्ढे में सड़क होने का कारण फारेस्ट विभाग लापरवाही करतूत साफ स्पष्ट दिखाई पड़ता है खामियाजा आम जनता, मजदूर, और शराबीयो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं शराब भट्टी होने से सरकार को राजस्व विभाग मिल रहा है। गड्ढे में सड़क होने से कई बार एक्सीडेट हुए हैं जिम्मेदार फारेस्ट विभाग विकास से कोसों दूर विभाग के आला अधिकारियों कर्मचारियों फल फूल रहे थे जनता को कोई नहीं देखता बरसात के पहले मुरूम डाला जाना था परंतु नहीं डाले फारेस्ट विभाग की गोला लकड़ी गाड़ी चलने से गड्ढे में सड़क तब्दील हो चुका है भगवान भरोसे गड्ढे में सड़क ग्राम केशोडार की जिला गरियाबंद की दुर्भाग्य है। की फारेस्ट विभाग की सड़क है। औषधि के नाम से केशोडार में लाखों रुपए कमा रहे हैं परंतु आम जनता रोड विकास के लिए तरस रही हैं।

















